भारत को रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिका की ओर से फिलहाल राहत मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने की प्रस्तावित कार्रवाई को अभी रोक दिया है। इससे भारत पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने का खतरा फिलहाल टल गया है।
क्या था पूरा मामला?
अमेरिका में एक ऐसा कानून लाने की तैयारी थी, जिसके तहत रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता था। भारत और चीन जैसे देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान इसमें शामिल था।
इस कानून के तहत रूस से जुड़े ऊर्जा उत्पादों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने और रूसी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने का भी प्रावधान था। कार्रवाई के लिए तय 30 दिनों की समय-सीमा 18 अक्टूबर को पूरी होने वाली थी।
ट्रंप ने क्या फैसला लिया?
ट्रंप ने शुक्रवार देर रात कार्यकारी आदेश जारी कर फिलहाल इन प्रतिबंधों और शुल्कों को लागू करने से छूट दे दी। उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस को बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में यह फैसला अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है।
क्या आगे भी टला रहेगा खतरा?
फिलहाल भारत पर प्रस्तावित 100 प्रतिशत टैरिफ लागू नहीं होगा, लेकिन इसे स्थायी राहत नहीं माना जा सकता। आदेश के अनुसार, भविष्य में अमेरिकी प्रशासन इन शुल्कों को दोबारा लागू कर सकता है।
क्या है ग्राहम एक्ट?
लिंडसे ओ. ग्राहम के नाम से जुड़े इस कानून का मकसद रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई पर दबाव डालना है, ताकि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए रूस को मिलने वाले आर्थिक संसाधन सीमित किए जा सकें। इसके तहत रूस के अधिकारियों, बैंकों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं पर कार्रवाई का प्रावधान है।
