अंशुल कंबोज का नाम आज भारतीय क्रिकेट के उभरते तेज गेंदबाजों में लिया जाता है। हरियाणा के करनाल से निकले अंशुल ने क्रिकेट की शुरुआत किसी बड़े क्रिकेटिंग बैकग्राउंड से नहीं की थी। उनके पिता किसान हैं और बचपन में अंशुल को क्रिकेट अकादमी भेजने का मकसद भी उन्हें क्रिकेटर बनाना नहीं, बल्कि फिट रखना था। लेकिन धीरे-धीरे यही खेल उनकी जिंदगी का लक्ष्य बन गया।
6 दिसंबर 2000 को करनाल में जन्मे अंशुल ने 11 साल की उम्र में क्रिकेट की गंभीर ट्रेनिंग शुरू की। पिता उन्हें सुबह-सुबह बाइक से करनाल की Rana Brothers Cricket Academy लेकर जाते थे। उनके बचपन के कोच सतीश राणा ने उनकी गेंदबाजी को निखारा। आज अंशुल घरेलू क्रिकेट, IPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट—तीनों स्तरों पर अपनी पहचान बना चुके हैं।
अंशुल कंबोज कौन हैं?
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | अंशुल कंबोज |
| जन्म | 6 दिसंबर 2000 |
| जन्म स्थान | करनाल, हरियाणा |
| मूल गांव | फाजिलपुर, हरियाणा |
| उम्र | 25 साल |
| भूमिका | Bowling All-rounder |
| बल्लेबाजी | दाएं हाथ के बल्लेबाज |
| गेंदबाजी | दाएं हाथ के तेज-मध्यम गेंदबाज |
| घरेलू टीम | हरियाणा |
| IPL टीम | Chennai Super Kings |
| बचपन के कोच | सतीश राणा |
| जर्सी नंबर | 47 |
| Test डेब्यू | 23 जुलाई 2025 |
| ODI डेब्यू | 3 अक्टूबर 2026 |
परिवार और बचपन
अंशुल कंबोज का परिवार हरियाणा के फाजिलपुर गांव से जुड़ा है। उनके पिता उधम सिंह किसान हैं। अंशुल के क्रिकेट सफर में पिता का योगदान काफी अहम रहा। जब वह करीब 11 साल के थे, तब पिता उन्हें करनाल की क्रिकेट अकादमी लेकर गए।
शुरुआत में अंशुल का वजन ज्यादा था। परिवार चाहता था कि वह खेल के जरिए फिट रहें। लेकिन अकादमी पहुंचने के बाद अंशुल की क्रिकेट में दिलचस्पी बढ़ती गई। उनके पिता रोज सुबह उन्हें ट्रेनिंग के लिए लेकर जाते थे। खराब मौसम भी उनकी दिनचर्या के बीच नहीं आया।
अंशुल ने छोटी उम्र में ही तेज गेंदबाजी को गंभीरता से लेना शुरू किया। उनकी लंबाई और मजबूत शरीर को देखते हुए कोच सतीश राणा ने उन्हें pace bowling की तरफ आगे बढ़ाया।
पढ़ाई और क्रिकेट साथ-साथ
अंशुल की शुरुआती पढ़ाई OPS Vidyamandir से हुई। स्कूल के दिनों में ही क्रिकेट उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका था। पढ़ाई के साथ वह लगातार क्रिकेट ट्रेनिंग करते रहे और धीरे-धीरे हरियाणा की age-group क्रिकेट में जगह बनाने लगे।
उनकी मेहनत का नतीजा यह रहा कि उन्होंने अलग-अलग उम्र वर्गों में हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया और आगे India Under-19 टीम तक पहुंचे। 2019 में उन्होंने South Africa के खिलाफ Youth Test मैचों में भी हिस्सा लिया।
क्रिकेट को बनाया करियर
अंशुल के लिए क्रिकेट का सफर सिर्फ स्कूल या अकादमी तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में जगह बनाने के लिए लगातार मेहनत की।
फरवरी 2022 में उन्होंने हरियाणा के लिए First-Class डेब्यू किया। इसके बाद अक्टूबर 2022 में उनका T20 और नवंबर 2022 में List A डेब्यू हुआ। घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया।
उनके करियर का पहला बड़ा breakthrough 2023-24 Vijay Hazare Trophy में आया। अंशुल ने हरियाणा के लिए 10 मैचों में 17 विकेट लिए और टीम को पहली बार इस टूर्नामेंट का खिताब जीतने में अहम योगदान दिया।
रणजी ट्रॉफी में 10 विकेट ने बदल दी पहचान
अंशुल कंबोज के करियर का सबसे बड़ा घरेलू मोड़ नवंबर 2024 में आया।
केरल के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मुकाबले में उन्होंने एक ही पारी में 10 विकेट झटक लिए। उनका गेंदबाजी आंकड़ा 30.1 ओवर, 49 रन और 10 विकेट रहा।
इस प्रदर्शन के साथ वह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में एक पारी में सभी 10 विकेट लेने वाले सिर्फ तीसरे गेंदबाज बन गए। उनसे पहले यह उपलब्धि प्रेमांग्शु चटर्जी और प्रदीप सुंदरम हासिल कर चुके थे।
यहीं से अंशुल का नाम घरेलू क्रिकेट से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से चर्चा में आने लगा।
IPL ने दिया बड़ा मंच
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद अंशुल को Mumbai Indians ने IPL 2024 में अपनी टीम में शामिल किया। उन्होंने 6 मई 2024 को Sunrisers Hyderabad के खिलाफ अपना IPL डेब्यू किया और उसी सीजन मुंबई के लिए तीन मुकाबले खेले।
इसके बाद IPL 2025 के मेगा ऑक्शन में Chennai Super Kings ने उन्हें 3.40 करोड़ रुपये में खरीदा। CSK के लिए खेलते हुए उन्होंने 2025 सीजन में 8 विकेट लिए।
IPL में खेलने से अंशुल को बड़े बल्लेबाजों के खिलाफ गेंदबाजी करने और दबाव वाले मुकाबलों का अनुभव मिला।
India A से Team India तक
घरेलू क्रिकेट और IPL में लगातार प्रदर्शन के बाद अंशुल को India A का मौका मिला। England Lions के खिलाफ India A के मुकाबलों में उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दिया।
यही प्रदर्शन उन्हें भारतीय टीम के दरवाजे तक लेकर गया। उनकी गेंदबाजी में सबसे बड़ी खासियत उनकी लाइन-लेंथ पर पकड़, उछाल हासिल करने की क्षमता और लंबे स्पेल डालने की क्षमता मानी जाती है। उनकी लंबाई करीब 6 फीट 2 इंच है, जिससे उन्हें अतिरिक्त bounce हासिल करने में मदद मिलती है।
2025 में मिला Team India का Test Cap
अंशुल ने 23 जुलाई 2025 को इंग्लैंड के खिलाफ Manchester के Old Trafford में भारत के लिए अपना Test डेब्यू किया।
वह भारत के लिए Test क्रिकेट खेलने वाले 318वें खिलाड़ी बने। उन्हें भारतीय टीम में चोटिल तेज गेंदबाजों की जगह मौका मिला था। अपने डेब्यू मैच में उन्होंने Ben Duckett का विकेट भी हासिल किया।
यह अंशुल के लिए बड़ा पड़ाव था, क्योंकि जिस क्रिकेट को उन्होंने बचपन में फिटनेस के लिए शुरू किया था, उसी खेल में वह भारत की Test जर्सी तक पहुंच चुके थे।
2026 में ODI डेब्यू
2026 में अंशुल के अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ा अध्याय जुड़ा।
West Indies के खिलाफ तीसरे ODI से पहले Prasidh Krishna चोटिल होकर सीरीज से बाहर हुए, जिसके बाद BCCI ने अंशुल को उनके replacement के तौर पर भारतीय टीम में शामिल किया। उस समय अंशुल India A के लिए Australia A के खिलाफ चार दिवसीय मैच खेल रहे थे।
3 अक्टूबर 2026 को Mullanpur में West Indies के खिलाफ तीसरे ODI में अंशुल को भारत की प्लेइंग XI में जगह मिली और उन्होंने अपना ODI डेब्यू किया। उन्हें डेब्यू कैप Virat Kohli ने सौंपी।
हालांकि डेब्यू मैच गेंदबाजी के लिहाज से उनके लिए यादगार नहीं रहा। West Indies ने भारत को पांच विकेट से हराया और Shai Hope ने नाबाद 162 रन की पारी खेली।
अंशुल कंबोज के रिकॉर्ड और उपलब्धियां
| साल | उपलब्धि |
|---|---|
| 2019 | India U-19 के लिए Youth Test |
| 2022 | हरियाणा के लिए First-Class डेब्यू |
| 2023-24 | Vijay Hazare Trophy में 17 विकेट |
| 2024 | रणजी में एक पारी में 10 विकेट |
| 2024 | Mumbai Indians के लिए IPL डेब्यू |
| 2025 | CSK के लिए IPL में 8 विकेट |
| 2025 | India के लिए Test डेब्यू |
| 2026 | Duleep Trophy में Player of the Tournament |
| 2026 | West Indies के खिलाफ ODI डेब्यू |
अंशुल कंबोज के आदर्श
अंशुल कंबोज ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज Glenn McGrath को अपना आदर्श मानते हैं। उन्होंने McGrath की गेंदबाजी के वीडियो देखकर लाइन और लेंथ से काफी कुछ सीखने की बात कही है।
अंशुल की गेंदबाजी में भी लगातार एक ही जगह पर गेंद डालने और बल्लेबाज को लंबे समय तक दबाव में रखने की कोशिश दिखाई देती है।
अंशुल कंबोज की कहानी
फाजिलपुर के किसान परिवार से निकलकर क्रिकेट की दुनिया में अपनी जगह बनाना अंशुल कंबोज के सफर की सबसे खास बात है। शुरुआत में क्रिकेट उनके लिए फिटनेस का जरिया था, लेकिन पिता की मेहनत और कोच सतीश राणा के मार्गदर्शन ने इसे करियर में बदल दिया।
हरियाणा की age-group क्रिकेट से लेकर Vijay Hazare Trophy, रणजी में 10 विकेट, IPL, India A और फिर Test तथा ODI क्रिकेट तक अंशुल ने धीरे-धीरे अपना रास्ता बनाया है।