जांजगीर-चांपा: ऑनलाइन अटेंडेंस पर सवाल उठाना पड़ा भारी! वायरल वीडियो के बाद शिक्षिका सस्पेंड

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले की एक सरकारी शिक्षिका को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद निलंबित कर दिया गया है। शासकीय हाईस्कूल तुलसी की व्याख्याता (एलबी) निर्मला कोमल लहरे पर यह कार्रवाई लोक शिक्षण संचालनालय ने की है। 3 सितंबर को जारी आदेश में विभाग ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को गंभीर मानते हुए निलंबन किया।

मामला 31 अगस्त को सामने आए एक वीडियो से जुड़ा है। इसमें शिक्षिका ने स्कूलों में लागू ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि जब शिक्षकों की मौजूदगी ऐप के जरिए दर्ज की जा रही है, तो अधिकारियों और कलेक्टर के लिए भी ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं होनी चाहिए।

वीडियो में कई मुद्दों पर जताई आपत्ति

शिक्षिका ने ऑनलाइन हाजिरी के कारण शिक्षकों को होने वाली दिक्कतों का जिक्र किया था। उनका कहना था कि समय पर स्कूल पहुंचने की मजबूरी के चलते शिक्षकों को जल्दबाजी में सफर करना पड़ता है और इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

इसी दौरान उन्होंने सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों का मुद्दा भी उठाया और उन्हें हटाने की मांग की। उन्होंने सरकार से शिक्षकों की ऐप के जरिए निगरानी करने के बजाय अन्य व्यवस्थाओं पर भी ध्यान देने की बात कही।

वीडियो में शिक्षिका ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को जनता के सामने रखने की अपील भी की थी। उन्होंने अपनी बात कहने से पीछे नहीं हटने की बात कही और व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर आगामी चुनाव को लेकर सरकार को चेतावनी दी थी।

https://www.instagram.com/reel/DcxSP-DsL-s/?igsi=d3cyY216OXdxcG85

विभाग ने टिप्पणी को माना आपत्तिजनक

लोक शिक्षण संचालनालय के मुताबिक, वीडियो में मुख्यमंत्री और कलेक्टर को लेकर ऐसी टिप्पणियां की गईं, जिन्हें विभाग ने अशोभनीय माना। वीडियो के मीडिया में प्रसारित होने को भी विभाग ने संज्ञान में लिया।

जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर-चांपा ने 2 सितंबर को इस संबंध में पत्र भेजा था। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने निलंबन की कार्रवाई की। विभाग ने कहा कि शिक्षिका का यह आचरण उनके सरकारी पद की जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं था और इससे शासन एवं विभाग की छवि प्रभावित हुई।

पहले मांगा गया था स्पष्टीकरण

निलंबन से पहले शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा गया था। उन्होंने विभाग को अपना जवाब भी दिया, लेकिन अधिकारियों ने उनके स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना।

इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के उपनियम (1)(क) के तहत निलंबन का आदेश जारी किया गया। विभाग ने उनके कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 और 10 के तहत कदाचार माना है।

निलंबन के दौरान कहां रहेगा मुख्यालय?

निलंबन अवधि में निर्मला कोमल लहरे का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जांजगीर-चांपा रहेगा। उन्हें इस अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

और नया पुराने