Jayeshbhai Jordaar Review: रणवीर सिंह आखिर किस चक्की का आटा खाते हैं. फिल्म देखकर कुछ ऐसा ही महसूस होता है, क्योंकि आप स्क्रीन पर रणवीर सिंह को नहीं बल्कि जयेश भाई को देखते हैं.और यही इस फिल्म की खास बात है..
क्या है कहानी...?
कहानी है की जयेश भाई (रणवीर सिंह )की दूसरी बेटी होने वाली है, लेकिन उनके माता-पिता बोमन ईरानी और रत्ना पाठक शाह नहीं चाहते कि इनकी दूसरी बेटी हो. उन्हें वंश को आगे बढ़ाने के लिए एक बेटा चाहिए होता है. रणवीर में हिम्मत नही है की वे अपने माता-पिता का सामना कर सके, साथ ही वे अपनी बेटी को भी बचाना चाहते हैं. तो ऐसे समय में क्या करते हैं जयेश भाई. यही इस फिल्म की कहानी है ,कहानी भले ही सिम्पल हो,लेकिन इसे काफी अच्छे तरीके से दर्शाया गया है.
आजकल की फिल्मों में हीरो 20-30 नहीं 100 गुंडों को एक साथ पीट देता है, लेकिन इस फिल्म में रणवीर एक मच्छर भी नहीं मारते और यही इस किरदार की खासियत है.आपको जरूर लगा होगा कि ये अतरंगी से कपड़े पहनने वाला हीरो...अपनी फुर्ती से स्टेज पर आग लगा देने वाला हीरो...आखिर ऐसी एक्टिंग कैसे कर सकता है..इस फिल्म में रणवीर सिंह ने फिर से साबित करते हैं कि वो मौजूदा दौर के कमाल के एक्टर हैं.रणवीर सिंह की जितनी तारीफ की जाए उतना भी कम है.रणवीर ने गुजराती एक्सेंट को काफी अच्छे तरीके से पकड़ा है
शालिनी पांडे ने रणवीर की पत्नी के किरदार में कमाल का अभिनय किया है.शालिनी पांडे को हम साउथ फिल्म अर्जुन रेड्डी में देख ही चुके हैं.जिसका हिंदी में रीमेक 'कबीर सिंह' था जो की शाहिद कपूर की सबसे सफल फिल्मों में से एक रही.बोमन ईरान रणवीर(जयेश भाई) के पिता के किरदार में दिखाई देंगे, उनका काम काफी जोरदार है. बोमन अगर ना होते तो जयेश भाई थोड़ा फीका सा नजर आता,रणवीर की मां के किरदार में रत्ना पाठक शाह ने भी फिल्म में जान डाल दी है. साथ ही रणवीर की पहली बेटी के किरदार में जिया वैद्य ने दिल जीता हैं.कुल मिलाकर इस फिल्म के सभी पात्रों ने अपने किरदार को बखूबी निभाया है और यही इस फिल्म की खूबी रही है.
कहां कमी...रह गई फिल्म में?
भले ही पत्रों ने अभिनय अच्छी तरह से किया हो ,किंतु ऐसा नहीं है कि इस फिल्म में कोई कमी नहीं है. फिल्म कहीं कहीं स्लो नजर आता है. थोड़ी बोरिंग सी लगती है..लगता है कि स्क्रीनप्ले थोड़ा और बेहतर हो सकता था, लेकिन जबरदस्त अभिनय इसपर भारी पड़ जाता है.
फिल्म से क्या संदेश... मिलता है ?
अधिकतर लोगों को फिल्मों से ये शिकायत रहती है कि वो कोई सदेश नहीं देता, इस फिल्म में यह संदेश दिया गया है कि बेटी बचाओ ..
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