महबूबनगर। दो बेटियों के भविष्य के लिए जिस जमीन को महिला के नाम कराया गया था, वही उसकी मौत की वजह बन गई। तेलंगाना के महबूबनगर जिले में 28 वर्षीय सुनीता की हत्या कर दी गई। इस मामले में उसके ससुराल के चार सदस्यों पर हत्या का आरोप लगा है।
पुलिस के मुताबिक, सुनीता के पति बलराम की 1.5 एकड़ जमीन करीब एक साल पहले पारिवारिक समझौते के तहत उसके नाम की गई थी। बलराम के भाइयों को यह फैसला मंजूर नहीं था। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था।
सोमवार को सुनीता चिंथल थांडा स्थित अपने खेत की तरफ जा रही थी। इसी दौरान उसके ससुर माणिक्य नाइक, देवर मान्या नाइक और पांडु नाइक के साथ पांडु की पत्नी पार्वती ने उसे रोक लिया। आरोप है कि वे उसे जबरन घर ले गए, जहां चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। वारदात में उसका सिर धड़ से अलग किए जाने की बात भी सामने आई है।
पहले भी मिल रही थीं धमकियां
जांच में सामने आया है कि सुनीता पर जमीन छोड़ने और गांव से चले जाने का दबाव बनाया जा रहा था। उसे पहले भी जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप है। पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद सुनीता अपने मायके चली गई थी। बाद में वह अपनी दोनों बेटियों के साथ वापस चिंथल थांडा में रहने लगी थी।
सुनीता की शादी करीब 12 साल पहले बलराम से हुई थी। पुलिस के अनुसार, उसके पति को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं। परिवार के विवाद को सुलझाने के लिए गांव के बुजुर्गों ने हस्तक्षेप किया था और जमीन सुनीता के नाम करने का फैसला हुआ था।
पिता की शिकायत पर पुलिस ने BNS की धारा 101 और 103 के तहत केस दर्ज किया है। हत्या के आरोप में नामजद चारों लोग फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगाई गई हैं।
