भिलाई की जूस दुकान पर काम करने वाले सौरभ चंद्राकर की जिंदगी कैसे बदली, इसका जवाब अब महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप की जांच में सामने आ रहा है। दुबई में 200 करोड़ की शादी, विदेशों में करोड़ों की संपत्तियां और हवाला के जरिए पैसों के लेन-देन के आरोपों के बीच सौरभ को ओमान से भारत लाया गया है।
छत्तीसगढ़ के भिलाई से शुरू हुई सौरभ चंद्राकर की कहानी अब देश के बड़े ऑनलाइन सट्टा मामलों में शामिल हो चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुताबिक, सौरभ और रवि उप्पल इस नेटवर्क के प्रमुख संचालक थे। आरोप है कि दुबई में बैठकर दोनों भारत सहित दूसरे देशों में सट्टे का कारोबार चला रहे थे।
3,200 पैनल से चलता था सट्टे का कारोबार
ED की जांच के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक का नेटवर्क भारत और UAE में करीब 3,200 पैनलों के जरिए संचालित होता था। क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और ताश जैसे खेलों पर लोगों से ऑनलाइन दांव लगवाए जाते थे।
एक पैनल शुरू करने के लिए करीब 15 से 20 लाख रुपये की जरूरत होती थी। संचालकों को लॉगिन आईडी दी जाती थी और वे बैंक खाते, मोबाइल, इंटरनेट तथा कर्मचारियों की व्यवस्था करते थे। WhatsApp और Telegram के जरिए ग्राहकों को जोड़ा जाता था।
जांच एजेंसी का आरोप है कि पैनलों के मुनाफे का 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा दुबई में बैठे मुख्य संचालकों तक पहुंचता था। बड़ी रकम जीतने वाले कुछ खिलाड़ियों की आईडी बंद किए जाने का आरोप भी जांच में सामने आया।
15 हजार रुपये की कमाई से आलीशान जिंदगी तक
सौरभ के परिवार की भिलाई में 'जूस फैक्ट्री' नाम से दुकान थी। जांच से जुड़े दस्तावेजों के मुताबिक, सौरभ वहां काम करता था और उसे करीब 15 हजार रुपये महीने मिलते थे।
लेकिन सट्टा नेटवर्क से जुड़ने के बाद उसकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया। ED का आरोप है कि सट्टे से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल दुबई में विला, विदेश यात्राओं, निजी विमानों और महंगे आयोजनों पर किया गया। सौरभ 16 फरवरी 2022 को भारत से बाहर गया था और इसके बाद दुबई से नेटवर्क चलाने लगा।
दुबई की 200 करोड़ की शादी ने खींचा ध्यान
सौरभ की शादी फरवरी 2023 में UAE के रास अल खैमाह स्थित वाल्डोर्फ एस्टोरिया होटल में हुई थी। 10 से 14 फरवरी तक चले इस आयोजन पर ED ने करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया।
जांच में सामने आए खर्च के आंकड़ों के मुताबिक:
इवेंट कंपनियों के रिकॉर्ड में करीब 112 करोड़ रुपये।
होटल पर लगभग 42 करोड़ रुपये।
मेहमानों के टिकट, होटल और वीजा पर करीब 37 करोड़ रुपये।
चार्टर्ड विमानों पर लगभग 7 करोड़ रुपये।
मेहमानों को लाने के लिए नागपुर से तीन चार्टर्ड विमान भेजे गए थे। शादी में विशाल ददलानी, टाइगर श्रॉफ, सनी लियोनी, नेहा कक्कड़ और नुसरत भरूचा जैसे कलाकारों के नाम मीडिया रिपोर्टों में सामने आए थे। वहीं, ED ने रणबीर कपूर, कपिल शर्मा, हुमा कुरैशी, हिना खान और श्रद्धा कपूर को भी समन भेजे थे।
94 हजार करोड़ तक की कमाई का अनुमान
ED का आरोप है कि सट्टे से मिले पैसों को फर्जी बैंक खातों, नकदी और हवाला के जरिए विदेश भेजा जाता था। कुछ रकम दुबई की कंपनियों और संपत्तियों में लगाई गई, जबकि कुछ को विदेशी निवेश के रास्ते भारतीय शेयर बाजार में पहुंचाया गया।
जांच एजेंसी ने महादेव और इससे जुड़े प्लेटफॉर्म की कुल अपराध से जुड़ी कमाई 88 हजार करोड़ से 94 हजार करोड़ रुपये तक आंकी है। इसमें महादेव ऑनलाइन बुक से 75 से 80 हजार करोड़, स्काईएक्सचेंज से 11 से 12 हजार करोड़ और लोटस365 से करीब 2,400 करोड़ रुपये का अनुमान शामिल है।
3,500 करोड़ की संपत्तियां जांच के घेरे में
ED के मुताबिक, दुबई में 22 अचल संपत्तियों का पता चला है। इनमें सौरभ और उसके करीबियों से जुड़ी 12 संपत्तियों की मौजूदा बाजार कीमत करीब 1,500 करोड़ रुपये बताई गई है।
अगस्त 2023 से जुलाई 2026 के बीच एजेंसी ने करीब 190 ठिकानों पर तलाशी ली। इस दौरान नकदी, सोना, गहने, बैंक खाते और शेयर बाजार के निवेश सहित करीब 2,014 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई। वहीं, अलग-अलग अटैचमेंट आदेशों के आधार पर कुल संपत्तियों का बाजार मूल्य करीब 3,500 करोड़ रुपये बताया गया है। इसमें लगभग 1,800 करोड़ रुपये विदेश और 1,700 करोड़ रुपये भारत में हैं।
भाई और दूसरे कारोबारी भी जांच के दायरे में
इस मामले में सौरभ के बड़े भाई गितेश चंद्राकर का नाम भी सामने आया है। ED के अनुसार, वह दुबई में रहकर महादेव सहित रेड्डी अन्ना, लेजर बुक, फेयरप्ले और अंबानी बुक जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़ा था। उसके नाम से जुड़ी करीब 59.5 लाख रुपये की संपत्ति अटैच की गई।
रवि उप्पल, विकास छपरिया, शुभम सोनी और अतुल अग्रवाल जैसे लोग भी जांच के घेरे में हैं। इसके अलावा स्काईएक्सचेंज के संचालक हरि शंकर तिबरेवाल से जुड़ी विदेशी कंपनियों के जरिए करीब 766 करोड़ रुपये विकास गर्ग की कंपनियों तक पहुंचने का आरोप है। इस रकम को अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी Ebix Inc. की खरीद के लिए किए गए निवेश से जोड़ा गया है। विकास गर्ग को 14 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में करीब 941 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच करने का आदेश जारी हुआ।
छत्तीसगढ़ की राजनीति तक पहुंची जांच
महादेव ऐप मामले में राजनीतिक संपर्कों को लेकर भी आरोप लगे हैं। ED का दावा है कि नेटवर्क को चलाने के लिए कुछ पुलिस अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और राजनीतिक लोगों तक पैसा पहुंचाया जाता था।
2 नवंबर 2023 को रायपुर में असिम दास से जुड़े ठिकानों और वाहन से 5.39 करोड़ रुपये नकद मिलने का दावा किया गया था। ED के मुताबिक, यह रकम राजनीतिक लोगों तक पहुंचाई जानी थी। असिम दास ने अपने बयान में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पैसे पहुंचाने की बात कही थी। इस मामले में भूपेश बघेल का नाम भी जांच के दौरान सामने आया है। ये सभी जांच एजेंसी के आरोप हैं।
अब भारत में होगी आगे की कानूनी कार्रवाई
ED के अनुसार, अगस्त 2023 से जुलाई 2026 के बीच इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया और आरोपपत्रों में कुल 116 लोगों के नाम शामिल किए गए। इनमें कई लोगों को अदालत से जमानत मिल चुकी है।
सौरभ के खिलाफ सितंबर 2023 में रायपुर की विशेष PMLA अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया था। नवंबर 2023 में इंटरपोल ने रेड नोटिस जारी किया। अब CBI और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के प्रयासों से उसे ओमान से भारत लाया गया है।
सौरभ की वापसी के बाद अब जांच एजेंसियों के सामने विदेशों में मौजूद संपत्तियों, पैसों के लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल करना अहम होगा। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई से कई और जानकारियां सामने आ सकती हैं।
