RBI ने बढ़ाया रेपो रेट, लोन की EMI पर बढ़ सकता है बोझ

 RBI Repo Rate Hike: भारतीय रिजर्व बैंक ने लोन लेने वालों को बड़ा झटका दिया है। बुधवार को मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद RBI ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी। इसके बाद रेपो रेट 5.25 फीसदी से बढ़कर 5.50 फीसदी हो गया है। करीब साढ़े तीन साल तक यह दर स्थिर रही थी।

रेपो रेट बढ़ने का असर बैंक ग्राहकों पर पड़ सकता है। खासकर फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन और कार लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी होने पर उनकी मासिक EMI बढ़ सकती है। 

https://www.news4u36.in/2026/10/rbi-repo-rate-hike-home-car-loan-emi-expensive.html


महंगाई और कच्चे तेल पर RBI की नजर

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अपने संबोधन में वेस्ट एशिया संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऊर्जा की कीमतों में तेजी का असर महंगाई पर पड़ सकता है। वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का जोखिम और वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता भी बनी हुई है।

SDF और MSF रेट भी बढ़े

रेपो रेट के साथ RBI ने दूसरी प्रमुख दरों में भी बदलाव किया है। SDF रेट 5.00 फीसदी से बढ़कर 5.25 फीसदी और MSF रेट 5.50 फीसदी से बढ़कर 5.75 फीसदी कर दिया गया है।

2026 में पहली बार रेपो रेट में बढ़ोतरी

2026 में यह RBI की चौथी MPC बैठक थी। इससे पहले अप्रैल, जून और अगस्त में हुई बैठकों में रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बरकरार रखा गया था। कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई के दबाव को देखते हुए विशेषज्ञ इस बैठक में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की संभावना जता रहे थे।

RBI ने दर बढ़ाने के साथ मौद्रिक नीति के रुख में भी बदलाव किया है। पहले नीति का रुख न्यूट्रल था, जिसे अब कैलिब्रेटेड टाइटनिंग किया गया है। इसका संकेत है कि फिलहाल महंगाई पर नियंत्रण RBI की प्राथमिकता रहेगी और जल्द ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हो सकती है।

क्या होता है Repo Rate?

रेपो रेट वह दर है, जिस पर RBI बैंकों को कम अवधि के लिए पैसा उधार देता है। जब यह दर बढ़ती है तो बैंकों के लिए RBI से पैसा लेना महंगा हो जाता है। इसका असर आगे चलकर ग्राहकों को मिलने वाले लोन की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।

इसके उलट रेपो रेट कम होने पर बैंकों की फंडिंग लागत घट सकती है, जिससे लोन की ब्याज दर और EMI कम होने की संभावना रहती है।

महंगाई का अनुमान भी बढ़ाया

RBI ने FY27 के लिए कोर महंगाई का अनुमान 4.3 फीसदी से बढ़ाकर 4.4 फीसदी कर दिया है। वहीं CPI आधारित महंगाई का अनुमान 5 फीसदी से बढ़ाकर 5.2 फीसदी किया गया है।

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इसके पीछे रबी सीजन के दौरान कमजोर मानसून और अल नीनो के असर को प्रमुख वजहों में बताया।

GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ा

महंगाई की चिंता के बावजूद RBI ने अर्थव्यवस्था की विकास दर को लेकर अपना अनुमान बेहतर किया है। FY27 के लिए रियल GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7 फीसदी से बढ़ाकर 7.1 फीसदी किया गया है।

दूसरी तिमाही के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 6.4 फीसदी से बढ़ाकर 7.2 फीसदी और तीसरी तिमाही का अनुमान 6.5 फीसदी से बढ़ाकर 6.9 फीसदी किया गया है। चौथी तिमाही के लिए 6.8 फीसदी का अनुमान बरकरार रखा गया है।

और नया पुराने