‘ये बता कि काफिला क्यों लुटा…’, TMC विवाद के बीच सायोनी घोष का तंज चर्चा में

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर की लड़ाई अब पार्टी की पहचान पर असर डालने लगी है। नंदीग्राम और रेजिनगर उप-चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को ‘तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने से रोक दिया है। इसी घटनाक्रम के बीच सायोनी घोष की एक पोस्ट ने सबका ध्यान खींच लिया।

सायोनी ने X पर शहाब जाफरी की शायरी की आधी लाइन लिखी- ‘तू इधर उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला क्यों लुटा…’ उन्होंने किसी नेता या गुट का नाम नहीं लिया। हालांकि, पोस्ट का समय ऐसा है कि इसे TMC के मौजूदा विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

ऋतब्रत गुट ने शुरू की नए नाम-निशान की तैयारी

आयोग के निर्देश के बाद ऋतब्रत बनर्जी गुट ने नए नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प जमा कर दिए हैं। पार्टी के नाम के लिए तीन विकल्प दिए गए हैं- नेशनलिस्ट तृणमूल कांग्रेस, वेस्ट बंगाल तृणमूल कांग्रेस और डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस।

चुनाव चिह्न में लिफाफा पहली पसंद है। इसके बाद बैटरी टॉर्च और पेंसिल बॉक्स के विकल्प दिए गए हैं। इन प्रस्तावों पर अंतिम फैसला चुनाव आयोग करेगा।

ममता खेमे ने आयोग के आदेश पर जताई आपत्ति

ममता बनर्जी गुट ने आयोग के फैसले को चुनौती देने की बात कही है। पार्टी सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने आदेश को कानून के खिलाफ बताते हुए कहा कि इसमें कानूनी कमियां हैं और कई जरूरी तथ्यों को शामिल नहीं किया गया है।

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बगावत की शुरुआत विधायकों से हुई थी

TMC का मौजूदा संकट अचानक नहीं आया। विधानसभा चुनाव के बाद जून में 58 बागी विधायकों ने ममता खेमे के उम्मीदवार सोवनदेब चट्टोपाध्याय के बजाय निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता चुना था।

इसके बाद विवाद संसद तक पहुंच गया। काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में लोकसभा के 20 सांसदों के एनसीपीआई में शामिल होने और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अलग गुट के तौर पर पत्र देने की बात सामने आई।

राहुल गांधी ने भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाए

इस विवाद पर राहुल गांधी ने शिवसेना और NCP से जुड़े मामलों का उदाहरण देते हुए बीजेपी और चुनाव आयोग पर राजनीतिक दलों को तोड़ने तथा चुनाव चिह्न छीने जाने के आरोप लगाए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।

ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं। बीजेपी और चुनाव आयोग इन आरोपों पर अपना अलग पक्ष रख सकते हैं।

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